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कर्म शिक्षा Karma Education by Karmalogist Vijay Batra

कर्म शिक्षा (Karma Education)

संसार के अधिकतर लोग अपने दैनिक (daily) कर्मों को सुधरने के लिए कोई कार्य नहीं करते है | लगभग सभी लोग अपनी आवश्यकता या विवशता के कारण ही कर्म करते है | यदि दैनिक कर्मों में होने वाली गलतियों को ही सुधार जाये तो पिछले जन्मों में हुए कर्मों के बुरे फल से बचा जा सकता है |

कुछ विशेष प्राप्त करने के लिए विशेष दैनिक कर्म करने की आवश्यकता है | दैनिक कर्म अंधविश्वास या तर्कहीन मान्यताओं पर आधारित होगा तो कर्मफल निराशाजनक मिलेगा और यदि कर्म तर्कसिद्ध होगा तो कर्मफल हितकारी होगा |

संसार के अधिकतर लोग पाप-पुण्य और सही-गलत जैसी चीजों के बारे में भ्रमित हैं क्योंकि सभी बातें एक पहलू से सही और दूसरे पहलू से गलत लगती है । अंधविश्वासों और रूढ़िवादी विश्वासों के कारण लोगों के कर्मों में बहुत अधिक भावनात्मक नुकसान हो रहा है इसलिए ऐसे अंधविश्वासों को समाप्त करने के लिए सटीक आध्यात्मिक ज्ञान की आवश्यकता है ।

दैनिक कर्मों को सुधारने के लिए किसी दुर्लभ ज्ञान की आवश्यकता नहीं है इसके लिए केवल मार्गदर्शक को तार्किक कर्मज्ञान और आध्यात्मिक ज्ञान होना आवश्यक है | पूर्ण मार्गदर्शक द्वारा व्यक्ति को आंतरिक संतुष्टि होने के साथ-साथ सही-गलत पहचानने के लिए आध्यात्मिक दृष्टि विकसित हो जाती है |

कर्म से सम्बंधित कुछ ऐसे प्रश्न हैं जिनका उत्तर सभी लोग जानना चाहते है और इनका उत्तर वही व्यक्ति दे सकता है जिसके पास सम्पूर्ण कर्मज्ञान हो | इनमे कुछ मुख्य प्रश्न है :

  • दूसरों द्वारा मिले आशीर्वाद या श्राप अपने किए कर्मों के फल को कैसे बदल देता है ?
  • एक ही प्रकार के कर्म का फल, दो व्यक्तियों के लिए अलग-अलग क्यों होता है
  • अच्छे कर्म या बुरे कर्म की वास्तविकता क्या है, क्योंकि जो कर्म एक व्यक्ति के लिए सही है वही दूसरे के लिए सही नहीं है |
  • मनुष्य अपने पिछले जन्मों के कर्मों का फल लाखों योनियों में भुगत कर भी इस जन्म में किन कर्मों का फल भोगता है ?
  • जिन कर्मों का फल नहीं मिलता वह कर्म कहाँ जाते है और कुछ कर्मफल बिना इच्छा किए कैसे मिलते है |
  • किन कर्मों का फल मनुष्य जीवन में मिलता है और किन कर्मों का फल मनुष्य जीवन में नहीं मिलता है |
  • जीव द्वारा किए जाने वाले कर्म का फल सकारात्मक होगा या नकारात्मक यह कैसे निश्चित होता है ?
  • किसी भी संबंध बनने के पीछे किस प्रकार के कर्मफल होते है और संबंध का समाप्त होना या अधिक गहरा होना कैसे निश्चित होता है ?
  • सभी जीवों में आत्मा एक सामान है फिर आत्माओं को पुरुष या स्त्री का शरीर कैसे मिलता है और पुरुष-महिला के कर्मफल में भिन्नता क्यों है ?
  • कर्मफल कितने प्रकार के होते है और पिछले जन्मों के कर्मफल का नकारात्मक प्रभाव कैसे बदल सकता है ?

दैनिक कर्म के आधार पर जीवन में मिलने वाले कर्मफल और कर्मफल के प्रभाव को बदला जा सकता है और अगले जन्मों में मिलने वाले कर्मफल को सकारात्मक रूप दिया जा सकता है |

Contact for Karma Education

M: 9811677316, 8800357316

Vijay Batra ‘Karmalogist’

Founder of College of Spiritual Education™

 

 

 

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